

“पात्र का चयन”
जीवन में पीड़ा अक्सर परिस्थितियों से नही चयन की चूक से जन्म लेती है हम सही भाव लेकर गलत पात्र चुन लेते है और फिर वही भाव बोझ बनकर उम्र भर ढोते रहते है!हर कोई हमारे प्रेम, विश्वास, मौन और संघर्ष का पात्र नहीं होता, कुछ लोग सिर्फ सुनने आते हैं, समझने नही, कुछ लोग साथ चलने का वादा करते है लेकिन मोड़ पर हमें ही दोषी ठहराकर आगे बढ़ जाते है, गलत पात्र के सामने सही होना भी अपराध बन जाता है वहाँ संवेदनशीलता कमजोरी कहलाती है और सच्चाई अकड़, ऐसे में पीड़ा स्वाभाविक है क्योंकि आपने अपन

ELA
Dec 20, 2025


“भूख जिस्म की नहीं, सम्मान की होती है”
अगर मर्द जिस्म का भूखा होता तो वो 10-20 लाख खर्चा करके शादी नहीं करता, बल्कि 500-1000 खर्चा करके रोज़ सुबह-शाम नई नई लड़कियों से मसाज करवाता, मर्द भूखा होता है ईज्जत, सम्मान, प्यार, ध्यान, अपमान और भावनात्मक सपोर्ट का, इसलिए लाखो खर्चा करके शादी करता है लेकिन ग़लत औरत पल्ले पड़ जाने से उसका पैसा, जवानी, ईज्जत और सपने सब बर्बाद हो जाते है, सहमत हो या नहीं ?? “भूख जिस्म की नहीं, सम्मान की होती है” शहर के एक साधारण से मोहल्ले में आरव रहता था। पढ़ा-लिखा, मेहनती और जिम्मेदार। लोग

ELA
Dec 20, 2025


For Married Man
यदि आप विवाहित हैं तो हमारी बात मानकर कृपया इसे अवश्य पढ़ें...!! 1. किसी भी महिला के साथ, चाहे वह अविवाहित हो या विवाहित — आत्मिक बेटी, सेक्रेटरी, सहकर्मी, पड़ोसी, कामवाली या किसी दोस्त की पत्नी — के साथ अकेले वाली करीबी रिश्ता न रखें। 2. अपनी कानूनी पत्नी के अलावा किसी भी महिला से भावनात्मक लगाव न रखें। 3. अपनी पत्नी, मां और बेटी को छोड़कर किसी भी महिला का सोशल मीडिया पर जश्न न मनाएं अरविन्द वर्मा। यह गलत संकेत देता है। 4. जो महिला खुद को आसानी से किसी को सौंप देती है, वह कि

ELA
Dec 13, 2025